पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट का असाधारण फैसला ! भीड़ ने जला दिया था मंदिर, सुप्रीम कोर्ट ने दिया पुनर्निर्माण का आदेश


धाकड़ खबर | 10 Feb 2021|   314

नई दिल्ली, पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के करक जिले में 30 दिसंबर को एक मंदिर में तोड़फोड़ की घटना हुई थी. करक जिले के टेरी गांव में भीड़ ने एक मंदिर पर हमला बोल दिया था. भीड़ ने सौ साल से अधिक पुराने मंदिर में तोड़फोड़ कर आग लगा दी थी. पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने इस घटना का सुओ मोटो लेकर सुनवाई की और सरकार को निर्देश दिए कि मंदिर का निर्माण तत्काल शुरू कराएं.

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गुलजार अहमद की बेंच ने अधिकारियों से कहा कि वे दो हफ्ते के अंदर मंदिर का फिर से निर्माण कराने का कार्य शुरू कराएं. साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए समयसीमा बताई जाए. कोर्ट ने एवेक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) से सभी मंदिरों का ब्यौरा भी उपलब्ध कराने को कहा है

  • स्टोरी हाइलाइट्स   चीफ जस्टिस ने आग लगाने वालों से वसूली के दिए निर्देश 
  • एससी को ईटीपीबी ने बताया- सरकार से 30.41 करोड़ मंजूर

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक पाकिस्तान के चीफ जस्टिस गुलजार अहमद की तीन जजों की पीठ ने इस मामले का सुओ मोटो लेकर सुनवाई की. स्थानीय मीडिया के मुताबिक चीफ जस्टिस गुलजार अहमद ने साथ ही यह भी कहा कि मंदिर बनाने का खर्च उन्हीं लोगों से वसूल किया जाए, जो इस घटना के लिए जिम्मेदार हैं. चीफ जस्टिस ऑफ पाकिस्तान ने साथ ही यह भी पूछा कि क्या अब तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी हुई है या नहीं?

ईटीपीबी के वकील इकराम चौधरी ने चीफ जस्टिस की बेंच को बताया कि मंदिर के मामले में अब तक कोई वसूली नहीं की गई है. चौधरी ने साथ ही सुप्रीम कोर्ट को यह भी बताया कि सरकार ने मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए 30.41 करोड़ रुपये को मंजूरी दे दी है. गौरतलब है कि जमीयत उलेमा ए इस्लाम पार्टी (फजल उर रहमान गुट) के सदस्यों की भीड़ ने मंदिर पर धावा बोलकर आग लगा दी थी.


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