25 दिसंबर को होगा भोपाल में विरोध प्रदर्शन


धाकड़ खबर | 25 Dec 2019|   3

भोपाल। एनपीआर के विरोध में कांग्रेस को 5 दलों का समर्थन, प्रोटेस्ट-मार्च में एकजुट दिखेंगी पार्टियां। भोपाल में स्थित एमपी कांग्रेस मुख्यालय में मंगलवार को दिनभर प्रोटेस्ट-मार्च की तैयारियों को लेकर बैठक चलती रही. नागरिकता कानून के विरोध में 25 दिसंबर को होने वाले कांग्रेस के प्रोटेस्ट मार्च में अब गैर भाजपाई दल भी शामिल होंगे. कांग्रेस की पहल पर बीएसपी, कम्युनिस्ट पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, एनसीपी और लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता इस मार्च में शामिल कर कानून के प्रति अपना विरोध जताएंगे. एनआरसी और सीएए के विरोध में केंद्र के खिलाफ मोर्चा खोलने वाली कांग्रेस ने अब तक का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन करने का प्लान बनाया है. पहले भोपाल और इसके आसपास के जिलों से लोगों को जुटाने का प्लान तैयार करने वाली कांग्रेस ने अब पूरे प्रदेश से मार्च में शामिल होने के लिए नेताओं को निर्देश जारी किए हैं. यह प्रोटेस्ट-मार्च दोपहर 12 बजे शुरू होगा.गांधी टोपी पहनकर शांतिपूर्ण तरीके से होने वाले प्रोटेस्ट मार्च को व्यापक बनाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने सोशल एक्टिविस्टों को भी न्योता भेजा है. गौरतलब है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष चंद्रप्रभाष शेखर ने कहा है कि बीजेपी के नागरिकता संशोधन के विरोध में 25 दिसंबर को पीसीसी अध्यक्ष और सीएम कमलनाथ के नेतृत्व में संविधान बचाओ न्याय शांति यात्रा निकाली जाएगी. इसमें कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, छात्र-छात्राएं शामिल होंगे. यात्रा के दौरान व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी सेवादल को दी गई है. हम आपको बता दें कि कानून के समर्थन में बीजेपी के पांच लाख लोगों तक पहुंचने के प्लान के उलट कांग्रेस की कोशिश है कि नागरिकता कानून को लेकर हो रहे विरोध में बड़ी आबादी को जोड़ा जाए. राजधानी भोपाल में होने वाले कांग्रेस के प्रोटेस्ट मार्च का नेतृत्व सीएम कमलनाथ करेंगे. सीएम के साथ ही पूरा मंत्रिमंडल और पार्टी कार्यकर्ता भी शामिल होंगे. कांग्रेस के प्रोटेस्ट-मार्च को लेकर मंगलवार को दिनभर पीसीसी में बैठकों का दौर जारी रहा. क्रिसमस के दिन होने वाले कांग्रेस के प्रोटेस्ट-मार्च के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए नागरिकता कानून को लेकर कांग्रेस का मत रखेंगे. इससे पहले सीएम कमलनाथ दिल्ली में सोनिया गांधी के नेतृत्व में राजघाट पर हुए धरने में भी शामिल हुए थे. सीएम पहले ही कह चुके हैं कि बंटवारे वाले इस कानून को प्रदेश में लागू नहीं किया जाएगा. बहरहाल नागरिकता कानून को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने सामने है. लेकिन अब समर्थन और विरोध को लेकर छिड़ी सियासत जंग में दोनों दल एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में है. यही कारण है कि ब्।। के विरोध में कांग्रेस सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन करने जा रही है.
 



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